रहस्यमयी नदी का रहस्य
बहुत समय पहले एक छोटे से गाँव के पास एक रहस्यमयी नदी बहती थी। गाँव के लोग उस नदी से बहुत डरते थे। कहा जाता था कि रात के समय उस नदी से अजीब रोशनी निकलती है और जो भी उसके पास जाता है, उसे कोई रहस्य दिखाई देता है।
उसी गाँव में अर्जुन नाम का एक बहादुर लड़का रहता था। अर्जुन को रहस्यों को जानने का बहुत शौक था। एक दिन उसने तय किया कि वह उस नदी का सच जरूर पता लगाएगा।
एक रात अर्जुन चुपचाप घर से निकला और नदी की ओर चल पड़ा। आसमान में चाँद चमक रहा था और चारों तरफ सन्नाटा था। जैसे ही वह नदी के पास पहुँचा, उसे पानी में चमकती हुई रोशनी दिखाई दी।
अर्जुन धीरे-धीरे नदी के किनारे गया। अचानक पानी के बीच से एक बूढ़ा साधु बाहर आया। साधु ने मुस्कुराकर कहा — “डरो मत, मैं इस नदी का रक्षक हूँ।”
साधु ने बताया कि यह नदी जादुई है। यह केवल उसी को अपना रहस्य दिखाती है जिसका दिल साफ और इरादा सच्चा होता है।
फिर अचानक नदी का पानी चमकने लगा और उसके अंदर से सोने की तरह चमकती मछलियाँ दिखाई देने लगीं। साधु ने कहा — “यह नदी गाँव की खुशहाली का राज है। अगर लोग इसे साफ रखेंगे और प्रकृति का सम्मान करेंगे, तो गाँव हमेशा खुशहाल रहेगा।”
अर्जुन ने वादा किया कि वह यह संदेश पूरे गाँव को बताएगा। अगले दिन उसने सबको नदी का सच बताया।
उस दिन से गाँव के लोग नदी की रक्षा करने लगे। धीरे-धीरे गाँव और भी खुशहाल हो गया।
लोग आज भी कहते हैं — प्रकृति का सम्मान करो, क्योंकि असली जादू उसी में छिपा है।