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बेटे की आख़िरी सांस और माँ की पैसों की भूख... रूह कंपा देने वाली एक दास्तान

Ayesha 28 Mar, 2026 71 Views
मासूम बेटा मेहनत करता हुआ

“माँ… आज मैं और ज्यादा कमाकर लाया हूँ…” रवि ने खुशी से कहा।

उसके हाथ में पसीना था… और आँखों में सिर्फ एक सपना —

“माँ खुश हो जाए…”

लेकिन…

माँ ने पैसे देखे… और गुस्से में बोली —

“बस इतना ही…? इतने में क्या होगा…?”

रवि चुप हो गया…

“मैं और कोशिश करूँगा माँ…”

वो मुस्कुराने की कोशिश करता…

लेकिन दिल से टूट जाता।

दिन हो या रात…

वो काम करता रहा…

कभी मजदूरी… कभी छोटा-मोटा काम…

बस एक ही चाहत —

“माँ एक दिन खुश हो जाएगी…”

माँ बेटे को डांटती और मारती हुई

लेकिन…

माँ का दिल कभी नहीं बदला।

“तू निकम्मा है…”

“तू मेरे किसी काम का नहीं…”

कभी ताने…

कभी मार…

कभी अपमान…

रवि सब सहता रहा।

पड़ोसी कहते —

“इतना क्यों सहता है…?”

रवि बस एक ही जवाब देता —

“वो मेरी माँ है… उसके लिए सब सह सकता हूँ…”

उसकी आँखों में दर्द था…

लेकिन दिल में…

सिर्फ माँ के लिए प्यार।

माँ अकेली बैठी है और बेटे की तस्वीर देखती है

एक दिन…

रवि बहुत बीमार हो गया…

लेकिन फिर भी काम पर गया…

क्योंकि…

“आज माँ के लिए ज्यादा पैसे लाने हैं…”

शाम को…

वो घर लौटा…

लेकिन इस बार…

उसकी सांसें भारी थीं…

“माँ… ये लो पैसे…”

उसने काँपते हाथों से पैसे दिए…

और वहीं…

गिर गया।

उस दिन…

रवि हमेशा के लिए सो गया।

घर में सन्नाटा छा गया…

लेकिन…

माँ की आँखों में आँसू नहीं थे।

उसने पैसे उठाए…

और बस इतना कहा —

“आज भी कम ही लाया…”

लोग हैरान थे…

“कैसी माँ है ये…?”

लेकिन…

कुछ दिनों बाद…

जब घर में कोई कमाने वाला नहीं बचा…

तब उसे समझ आया —

जिसे वो निकम्मा कहती थी…

वही उसकी दुनिया था।

अब वो रोज…

दरवाजे पर बैठती है…

और इंतज़ार करती है —

“रवि… आज कितने पैसे लाया…?”

लेकिन…

अब कोई जवाब देने वाला नहीं।

और सबसे बड़ा सच…

👉 लालच कभी खत्म नहीं होता… लेकिन इंसान जरूर खत्म हो जाता है।

लेखक: Ayesha
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