होम अन सुनी कहानियाँ मेरा कहानी मेरा गांव की कहानी हकीकत की कहानी

बहन के लिए भाई का अटूट रिश्ता

Ayesha 25 Mar, 2026 91 Views
भाई छोटी बहन को गोद में लिए हुए

“भैया… आप मुझे छोड़कर कभी नहीं जाओगे ना…?” छोटी सी रीना ने मासूमियत से पूछा।

अमित ने उसे गोद में उठाया — “पागल… मैं तेरे लिए ही तो जी रहा हूँ…”

माँ-बाप के जाने के बाद… अमित ही रीना का सब कुछ था।

वो भाई नहीं… बाप बन गया था।

अपने सपने छोड़ दिए…

और बहन के लिए जीना शुरू कर दिया।

भाई मेहनत करता हुआ बहन को पढ़ाता हुआ

“भैया, आप शादी क्यों नहीं करते…?”

रीना अब बड़ी हो चुकी थी…

अमित हल्का सा मुस्कुराया — “पहले तुझे अपने पैरों पर खड़ा कर दूँ… फिर सोचूँगा…”

दिन में मजदूरी… रात में बहन की पढ़ाई…

अमित ने खुद की जिंदगी भूल गई।

धीरे-धीरे…

रीना पढ़-लिखकर बड़ी हो गई…

और अमित…

अब 40 साल का हो चुका था।

लेकिन उसके चेहरे पर आज भी वही सुकून था —

“मेरी बहन खुश है… बस यही काफी है…”

बहन की शादी और भाई दूर खड़ा रोता हुआ

आज रीना की शादी थी…

पूरा घर खुशियों से भरा था…

लेकिन…

एक कोना था… जहाँ अमित चुप खड़ा था।

“भैया…” रीना उसके पास आई…

“आप रो क्यों रहे हो…?”

अमित मुस्कुराने की कोशिश करता हुआ बोला —

“पागल… खुशी के आँसू हैं…”

रीना ने उसका हाथ पकड़ा —

“आपने मेरे लिए सब कुछ किया… अब आपकी बारी है…”

अमित ने सिर हिला दिया —

“मेरी जिंदगी तो उसी दिन पूरी हो गई थी… जिस दिन तू अपने पैरों पर खड़ी हो गई…”

रीना रो पड़ी…

“भैया… आप अकेले रह जाओगे…”

अमित ने धीरे से कहा —

“नहीं… मेरे पास तेरी यादें हैं… और एक भाई के लिए वो ही काफी होती हैं…”

बारात चली गई…

घर खाली हो गया…

अमित उसी दरवाजे पर बैठा था…

जहाँ कभी छोटी सी रीना खेला करती थी।

उसने आसमान की तरफ देखा…

और मुस्कुराया —

“मैं हार नहीं गया… मैंने अपना फर्ज पूरा कर दिया…”

लेकिन…

उस रात…

पहली बार…

वो जोर से रोया…

क्योंकि…

कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं…

जो पूरे होकर भी…

अधूरे रह जाते हैं।

👉 लेकिन क्या सच में भाई का प्यार यहीं खत्म हो गया…?

👉 क्या बहन ने कभी पीछे मुड़कर देखा होगा…?

👉 क्या उस खाली घर में बैठा भाई… आज भी उसी दरवाजे का इंतज़ार करता होगा…?

👉 या फिर… उसने खुद को इतना मजबूत बना लिया होगा कि अब उसे किसी की जरूरत ही नहीं…?

और सबसे बड़ा सवाल…

👉 क्या रिश्ते सच में निभाने के लिए होते हैं… या फिर समय आने पर बस याद बनकर रह जाते हैं…?

लेखक: Ayesha
हमारे साथ WhatsApp पर जुड़ने के लिए क्लिक करें