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बड़े भाई से पहले छोटे भाई की शादी

Ayesha 24 Mar, 2026 88 Views
गांव में दो भाई और मां साथ बैठे हुए

गाँव के एक छोटे से घर में… तीन लोग रहते थे —

माँ… बड़ा बेटा अर्जुन… और छोटा बेटा सोनू।

अर्जुन बचपन से ही समझदार था।

“जब तक अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो जाऊँगा… शादी नहीं करूँगा…”

वो हमेशा यही कहता।

माँ समझाती — “बेटा, उम्र निकल जाएगी…”

लेकिन अर्जुन हँसकर टाल देता — “पहले जिम्मेदारी… फिर शादी…”

साल गुजरते गए…

छोटा भाई जवान हो गया…

माँ बूढ़ी हो गई…

और अर्जुन… अब उम्र में काफी आगे निकल चुका था।

शादी का मंडप और दूल्हा साधारण कपड़ों में

आखिरकार… एक दिन अर्जुन ने कहा —

“अब मैं तैयार हूँ शादी के लिए…”

माँ की आँखों में खुशी आ गई।

रिश्ता तय हुआ…

और अर्जुन शादी के मंडप में पहुँचा…

लेकिन…

वहाँ कुछ अजीब था।

लोग फुसफुसा रहे थे…

अर्जुन ने लड़की के पिता से पूछा —

“क्या हुआ…?”

वो आदमी रोते हुए बोला —

“बेटा… मेरी बड़ी बेटी भाग गई…”

अर्जुन के पैरों तले जमीन खिसक गई।

“अब… मेरी इज्जत…?”

वो आदमी हाथ जोड़कर बोला —

“तुम छोटी बेटी से शादी कर लो…”

मंडप में सन्नाटा छा गया।

अर्जुन कुछ देर चुप रहा…

फिर धीरे से बोला —

“नहीं अंकल… ये सही नहीं होगा…”

वो आदमी रो पड़ा —

“तो मैं लोगों को क्या जवाब दूँगा…?”

अर्जुन ने उसकी आँखों में देखा…

और कहा —

“आप बस इतना कह दीजिए… दूल्हे ने रिश्ता तोड़ दिया…”

अकेला आदमी रास्ते पर चलता हुआ उदास

उस दिन…

अर्जुन ने किसी और की इज्जत बचाने के लिए…

अपनी पूरी जिंदगी दांव पर लगा दी।

गाँव में खबर फैल गई —

“दूल्हे ने शादी तोड़ दी…”

अब हर जगह…

अर्जुन ही गलत था।

जहाँ भी रिश्ता जाता…

लोग कहते —

“इसमें जरूर कोई कमी है…”

कोई लड़की मना कर देती…

कहीं उम्र का ताना मिलता…

कहीं समाज सवाल उठाता…

धीरे-धीरे…

छोटे भाई की भी शादी हो गई।

घर में बहू आ गई…

लेकिन अर्जुन…

अब भी अकेला था।

रात को छत पर बैठकर… वो अक्सर आसमान देखता…

“क्या सच बोल देता… तो मेरी जिंदगी कुछ और होती…?”

एक दिन…

माँ ने उसके कंधे पर हाथ रखा —

“बेटा… अब भी देर नहीं हुई…”

अर्जुन हल्का सा मुस्कुराया —

“माँ… अब कौन करेगा शादी मुझसे…?”

लेकिन…

कहानी यहीं खत्म नहीं होती।

कुछ महीनों बाद…

अर्जुन के घर एक रिश्ता आया…

लड़की ने खुद कहा —

“मुझे अर्जुन से ही शादी करनी है…”

सब हैरान थे…

अर्जुन भी…

उसने पूछा —

“तुम जानती हो ना… मेरे बारे में…?”

लड़की मुस्कुराई —

“हाँ… सब जानती हूँ…”

“लेकिन मैं ये भी जानती हूँ… कि जिसने किसी और की इज्जत के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी…”

“वो इंसान कभी गलत नहीं हो सकता…”

अर्जुन चुप हो गया…

उसकी आँखों में आँसू थे…

लेकिन इस बार…

ये दर्द के नहीं…

उम्मीद के आँसू थे।

अब सवाल ये है —

👉 क्या अर्जुन इस बार हाँ करेगा…?

👉 या फिर अपने अतीत के डर से फिर पीछे हट जाएगा…?

लेखक: Ayesha
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