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माँ की ममता

Ayesha 16 Mar, 2026 22 Views
गरीब माँ अपने बच्चे को पढ़ाती हुई

एक छोटे से गाँव में सरिता नाम की एक माँ रहती थी। उसका जीवन बहुत कठिन था। उसका पति कई साल पहले बीमारी के कारण गुजर गया था। अब उसके पास केवल उसका छोटा बेटा अमन ही था, जो उसकी पूरी दुनिया था।

सरिता दिन-भर खेतों में मजदूरी करती थी। कभी ईंट ढोती, कभी लोगों के घरों में काम करती। लेकिन इतनी मेहनत के बाद भी घर चलाना बहुत मुश्किल होता था।

फिर भी सरिता का एक सपना था — उसका बेटा पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बने।

माँ मजदूरी करके घर चलाती है

हर दिन काम से लौटने के बाद सरिता अपने बेटे को पढ़ने के लिए कहती थी। वह कहती — “बेटा, मेरी जिंदगी तो ऐसे ही बीत गई, लेकिन तुम्हें पढ़-लिखकर अपनी जिंदगी बदलनी है।”

अमन भी अपनी माँ की मेहनत समझता था। वह रात-रात भर पढ़ाई करता और हमेशा अपनी माँ से कहता — “माँ, एक दिन मैं आपको गर्व महसूस कराऊँगा।”

समय बीतता गया। अमन ने अपनी पढ़ाई पूरी की और मेहनत करके एक बड़ी सरकारी नौकरी हासिल कर ली।

बेटा सफल होकर माँ को गले लगाता है

जिस दिन अमन की नौकरी लगी, वह सबसे पहले अपनी माँ के पास गया और खुशी से बोला — “माँ, आपका सपना पूरा हो गया।”

सरिता की आँखों में आँसू आ गए। वह बोली — “मेरा सपना नहीं बेटा, यह तुम्हारी मेहनत का फल है।”

अमन ने अपनी माँ को गले लगा लिया और कहा — “अगर आपकी ममता और हिम्मत नहीं होती, तो मैं कभी यहाँ तक नहीं पहुँच पाता।”

लोग आज भी उस गाँव में कहते हैं — दुनिया में सबसे बड़ी ताकत एक माँ की ममता होती है।

लेखक: Ayesha
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